क्षय व क्षमता by Aranya Dutta

वे दिखते नहीं हैं साधारण ज़रूर,

शिकार किसी न किसी क्षय का,

लोग सोचते हैं कि वे हैं मजबूर,

गुप्त में आलोचना करते हैं इस विषय का।



लेकिन एक द्वार के बंद होते ही

खुल जाता है दूसरा,

यही प्रकृति का चक्र है।

इंसान खुद ही का बनता है सहारा

और ढूंढ लेता अवसरों को सर्वत्र है।


हर मनुष्य जो किसी

असमर्थता से पीड़ित है,

वह कुदरत के कुछ

अद्भुत शक्तियों से भी सुसज्जित है।

इतिहास गवाह है इनके साहस का,

और यही वजह है

कि इन्हीं में से कई ने

स्वयं इतिहास भी रचा हैं।


जहाँ हेलेन केलर ने

बग़ैर सभी इंद्रियों के सहारे

समस्त संसार को जीना सिखाया,

वहीं कई प्रतियोगी

तिरंगा लहराते शूरवीरों से हारे,

एवं पैरालम्पिक खेलों में भारत ने

सफलता का ऐतिहासिक पाठ पढ़ाया।